बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय (Vivek Oberoi) हमेशा से अपनी संवेदनशीलता और समाजसेवा के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हैरान कर दिया है। रणबीर कपूर, यश और साईं पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ (Ramayana) फिल्म में विवेक ओबेरॉय ने अपनी भूमिका के लिए जो फीस तय की थी, उसे उन्होंने पूरी तरह कैंसर पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए दान करने का फैसला किया है। विवेक ने साफ कहा “मुझे इस फिल्म से एक पैसा भी नहीं चाहिए, मैं ये सब बच्चों की मदद के लिए देना चाहता हूं।
‘Ramayana’में विवेक ओबेरॉय की भूमिका और उनका फैसला
नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित ये फिल्म भारत की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं, जबकि यश रावण के रूप में नजर आएंगे। विवेक ओबेरॉय इस फिल्म में एक अहम भूमिका में हैं, हालांकि उनके किरदार का खुलासा अभी पूरी तरह नहीं किया गया है।
विवेक ने बताया कि उन्होंने फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा से खुद कहा कि वे अपने हिस्से की फीस नहीं लेंगे। उन्होंने कहा
“मैंने नमित से कहा कि मुझे इस फिल्म की फीस नहीं चाहिए। इस पैसे से अगर कुछ बच्चों की जान बचाई जा सके, तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी होगी।”
कैंसर पीड़ित बच्चों के नाम दान
विवेक ओबेरॉय कई वर्षों से कैंसर और अनाथ बच्चों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई एनजीओ के साथ मिलकर आर्थिक और चिकित्सा सहायता प्रदान की है। उनके इस कदम से यह साबित होता है कि वो सिर्फ पर्दे पर ही नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी एक हीरो हैं।
फिल्मों से मिलने वाली मोटी रकम को त्याग कर उन्होंने समाज में यह संदेश दिया है कि मानवता पैसे से बड़ी होती है। विवेक का कहना है कि यह दान उनके दिल से निकला निर्णय है, और इसका प्रचार उनका मकसद नहीं है।
‘Ramayana’भारत का जवाब हॉलीवुड को
विवेक ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ‘रामायण’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि भारत की आत्मा का पुनर्जन्म है। उन्होंने कहा, “ये फिल्म भारत का जवाब है हॉलीवुड की बड़ी एपिक फिल्मों को। यह हमारी संस्कृति, हमारी जड़ों और हमारे मूल्यों को दुनिया के सामने पेश करेगी।”
उनके मुताबिक, अगर वो इस फिल्म से जुड़ रहे हैं, तो यह उनके लिए एक आध्यात्मिक अनुभव है, न कि सिर्फ पेशेवर अवसर। इसलिए उन्होंने इसे सेवा का अवसर मानते हुए अपनी फीस त्याग दी।
लोगों की प्रतिक्रिया और समाज पर असर
सोशल मीडिया पर विवेक ओबेरॉय की इस पहल की खूब सराहना हो रही है। फैंस और इंडस्ट्री के लोग उन्हें “रियल हीरो” कह रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा कि ऐसे समय में जब कलाकार करोड़ों की फीस लेते हैं, विवेक का यह कदम दिल को छूने वाला है।
यह कदम न केवल उनके चरित्र की गहराई दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि बॉलीवुड में आज भी ऐसे कलाकार मौजूद हैं जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हैं।
निष्कर्ष
विवेक ओबेरॉय का यह निर्णय हमें यह याद दिलाता है कि सच्ची महानता प्रसिद्धि या धन में नहीं, बल्कि देने में होती है। उन्होंने अपने कर्मों से यह साबित कर दिया है कि जब इंसान अपने दिल से दूसरों के लिए कुछ करता है, तो वही असली नायक कहलाता है।
‘रामायण’ जैसी फिल्म भले ही सिनेमाई स्तर पर एक महाकाव्य साबित हो, लेकिन विवेक ओबेरॉय का यह कदम समाज में मानवता की एक नई कहानी लिख गया है।
